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Showing posts from May, 2020

Kabir

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5 जून कबीर प्रकट दिवस  #52_Cruelities_On_GodKabir दिल्ली के सम्राट सिकंदर लोधी ने जनता को शांत करने के लिए अपने हाथों से हथकड़ियाँ लगाई, पैरों में बेड़ी तथा गले में लोहे की भारी बेल डाली आदेश दिया गंगा दरिया में डुबोकर मारने का। उनको दरिया में फैंक दिया। कबीर परमेश्वर जी की हथकड़ी, बेड़ी और लोहे की बेल अपने आप टूट गयी। परमात्मा जल पर सुखासन में बैठे रहे कुछ नहीं बिगड़ा।   कबीर जी को मारने के लिए उन्हें खूनी हाथी के आगे बांध कर डाला गया। लेकिन अविनाशी कबीर जी ने हाथी को शेर रूप दिखा दिया। जिससे हाथी भयभीत होकर भाग गया। सबने कबीर जी की जय जयकार की।   कबीर परमात्मा जब एक बार गंगा दरिया में डुबोने से भी नहीं डूबे तो शेखतकी ने फिर आदेश दिया कि पत्थर बाँधकर पुन: गंगा के मध्य ले जाकर जल में फैंक दो। सब पत्थर बँधन मुक्त होकर जल में डूब गए, परंतु परमेश्वर कबीर जी जल के ऊपर सुखासन लगाए बैठे रहे। नीचे से गंगा जल की लहरें बह रही थी। परमेश्वर आराम से जल के ऊपर बैठे थे। कबीर साहेब को मारने के लिए शेखतकी ने तलवार से वार करवाये। लेकिन तलवार कबीर साहेब के आर...

Kabir

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#MagharLeela_Of_GodKabir  🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 💠#मगहर लीला #कबीर #प्रकट दिवस  राम और अल्लाह एक ही हैं! 600 साल पहले कबीर साहेब ने मगहर में शरीर छोड़ने से पहले सभी लोगो को अपना ज्ञान समझाते हुए कहा कि राम और अल्लाह एक ही हैं सभी धर्मों के लोग एक परमपिता की संतान है।  🌼 #मगहर में #कबीर साहेब के सशरीर #सतलोक जाने के बाद उनके #हिन्दू और #मुस्लिम शिष्यों के बीच विवाद हो गया। लेकिन कबीर साहेब के जाने के बाद चादर के नीचे उनके #शरीर के बदले केवल फूल मिले। उसके बाद दोनों #धर्म के लोगों ने आधे आधे फूल बाँट लिए। #परमात्मा कबीर जी के मगहर से #सशरीर जाने के प्रमाण को मलूक दास जी भी प्रमाणित करते हुए कहते हैं:-  #काशी तज गुरु मगहर आए, दोनों दीन के पीर,  कोई गाड़े कोई अग्न जरावे, ढूंढा ना पाया शरीर ।  चार दाग से #सतगुरु न्यारा, अजरो अमर शरीर।  दास मलूक सलूक कहत हैं, खोजो खसम कबीर।। 👇 👇 👇  🌻 कबीर परमात्मा मगहर से सशरीर सतलोक गए थे। 5 June कबीर प्रकट दिवस #MagharLeela_Of_GodKabir Saint Rampal Ji राम और अल्लाह एक ही हैं! 600 साल पहले कबीर साहेब ने ...

GodKabir

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#Witnesses_of_GodKabir #परमात्मा__कबीर__साहेब_जी #चारों__युगों में आते हैैं । #त्रेतायुग में #कबीर_परमेश्वर जी #मुनींद्र_ऋषि  के रूप में आए थे। विभीषण और मंदोदरी को शरण में लेकर उन्हें नाम उपदेश देकर #सत्यभक्ति प्रदान की GodKabir 🔸Lord Kabir ji met Ibrahim sultan adham because sultan was the devotees of Kabir Saheb as Samman. 🔹It's mentioned in Sultan bodh chapter in Kabir Sagar. #Witnesses_of_GodKabir त्रेता युग में कबीर परमेश्वर मुनींद्र नाम से प्रकट हुए तथा नल व नील को शरण में लिया। तथा उनकी कृपा से समुद्र पर पत्थर तैरे ! धर्मदास जी की वाणी में इसका प्रमाण हैं कबीर सागर" के भोपाल बोध में विवरण मिलता है जालंधर नगर के राजा भोपाल को परमेश्वर कबीर साहेब ने शरण में लेकर सतभक्ति प्रदान की, सतलोक दिखाया। साथ ही राजा भोपाल की 9 रानियों, 50 पुत्रों और एक पुत्री को शरण में लेने का विवरण है। वेदों और शास्त्रों में प्रमाण है कि पूर्ण परमात्मा कबीर साहिब जी है अब तक इन महापुरुषों को कबीर परमात्मा मिले हैं मीराबाई धर्मदास जी मलूक दास जी पीपाजी गुरु नानक साहब परमात...

Eid Mubarak

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कुरान ज्ञान दाता भी अल-खिद्र (कबीर अल्लाह) की शरण में जाने को कहता है।  कुरान शरीफ सुरह-काफ 18 आयत 60-82 में प्रमाण है कि हजरत मूसा का अल्लाह, मूसा को उससे ज्यादा इल्म (सच्चा तत्वज्ञान) रखने वाले के पास भेजता है । जिसका नाम #अल-खिद्र (कबीर जी) है !

who is Allah?

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*#कबीरजी_हैं_अल्लाहुअकबर* 🔖 *सतगुरु रामपाल जी महाराज जी* प्रमाणित करके बताते हैं :- 🔸अल्लाहु अक्बर का भाव है भगवान कबीर (कबीर साहेब अर्थात् कविर्देव)। फजाईले दरूद शरीफ़ में भी कबीर नाम की महिमा का प्रत्यक्ष प्रमाण छुपा नहीं है। 🔸पवित्र कुरान शरीफ में प्रमाण है प्रभु सशरीर है तथा उसका नाम कबीर है।  कबीर परमात्मा को अल्लाहु अकबर भी कहते हैं। 🔸हजरत मुहम्मद को कुरान शरीफ बोलने वाला प्रभु (अल्लाह) कह रहा है कि वह कबीर प्रभु वही है जिसने जमीन तथा आसमान के बीच में जो भी विद्यमान है सर्व सृष्टी की रचना छः दिन में की तथा सातवें दिन ऊपर अपने सत्यलोक में सिंहासन पर विराजमान हो(बैठ) गया। क़ुरान सूरह अल-फुरकान नं. 25 आयत 59 🔸क़ुरान सूरह अल-फुरकान 25 आयत 52 से 59 में लिखा है कि कबीर परमात्मा ने छः दिन में सृष्टी की रचना की तथा सातवें दिन तख्त पर जा विराजा। जिस से परमात्मा साकार सिद्ध होता है। 🔸पूर्ण परमात्मा अल्लाहु अकबर(अल्लाहु कबीरू) ही सर्व पाप नाश (क्षमा) कर सकता है।  🔸मुसलमान धर्म के पवित्र शास्त्र प्रमाणित करते हैं कि सर्व सृष्टी रचनहार सर्व पाप विनाशक, सर्व शक्तिमान, अविनाशी परमा...

Corona virus

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एक प्राकृतिक आपदा एक प्राकृतिक जोखिम (n. atural hazard) का परिणाम है जैसे की ज्वालामुखी विस्फोट (volcanic eruption), भूकंप ... Missing: असमय ‎| Must include: असमय इसमें प्रकृति आपदा का मुख्य कारण श्रीमद भगवत गीता में मैं कहां जब जब पाप बढ़ता है तब तक प्राकृतिक आपदा रूप धारण करते हैं जिसे वर्तमान में काटा जाता है मानव वर्तमान समय में आवश्यकता से अधिक प्रदूषण फैलाना पेड़ पौधे काटना प्रकृति से खिलवाड़ करने पर प्राकृतिक आपदा आती है  वर्तमान में प्राकृतिक आपदाओं को गीता जी के अनुसार पूर्ण संत ही रोक सकता है वर्तमान में प्राकृतिक आपदा को संत रामपाल जी महाराज के ज्ञान से रोका जा सकता है संत रामपाल जी महाराज के शिष्य नए मांस खाते हैं मैं शराब पीते हैं नए किसी प्रकार का कोई विकार करते हैं उनकी आज्ञा को परमात्मा की आज्ञा मानकर एक कार्य किया जाता है संत रामपाल जी महाराज मानव हित वे प्रकृति के खिलाफ कोई खिलवाड़ नहीं करता है किससे प्रकृति व मानव हित में कार्य किए जाते हैं  पुराना इतिहास उठाकर देखते हैं अनेक संतों ने धार्मिक यज्ञ हवन किया जाता है जब की वर्तमान में मानव एक दूसरे के साथ झगड़ ...

coronavirus

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पर्यावरण और संत रामपाल जी महाराज पर्यावरण  ( अंग्रेज़ी :  Environment )  शब्द का निर्माण दो शब्दों से मिल कर हुआ है। "परि" जो हमारे चारों ओर है"आवरण" जो हमें चारों ओर से घेरे हुए है। पर्यावरण उन सभी भौतिक, रासायनिक एवं जैविक कारकों की समष्टिगत इकाई है जो किसी जीवधारी अथवा पारितंत्रीय आबादी को प्रभावित करते हैं तथा उनके रूप, जीवन और जीविता को तय करते हैं। सामान्य अर्थों में यह हमारे जीवन को प्रभावित करने वाले सभी जैविक और अजैविक तत्वों, तथ्यों, प्रक्रियाओं और घटनाओं के समुच्चय से निर्मित इकाई है। यह हमारे चारों ओर व्याप्त है और हमारे जीवन की प्रत्येक घटना इसी के अन्दर सम्पादित होती है तथा हम मनुष्य अपनी समस्त क्रियाओं से इस पर्यावरण को भी प्रभावित करते हैं। इस प्रकार एक जीवधारी और उसके पर्यावरण के बीच अन्योन्याश्रय संबंध भी होता है। पर्यावरण के जैविक संघटकों में सूक्ष्म जीवाणु से लेकर कीड़े-मकोड़े, सभी जीव-जंतु और पेड़-पौधे आ जाते हैं और इसके साथ ही उनसे जुड़ी सारी जैव क्रियाएँ और प्रक्रियाएँ भी। अजैविक संघटकों में जीवनरहित तत्व और उनसे जुड़ी प्रक्रियाएँ ...

Satsang

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True Worship A Medicine That Heals Cancer True way of worship shown by SANT RAMPAL JI MAHARAJ is the only way, which is simple based on "Vedas" which can heal incurable diseases free of cost. Only real worship has power to terminate any..... type of curse. Practicing real worship life becomes illuminate with joy, happiness and healthy. -  

God

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#सतभक्ति_से _दुख_दूर परमात्मा की सतभक्ति मर्यादा में रहकर करने से कैंसर, एड्स जैसी बीमारी भी ठीक होती हैं। 🔅सतभक्ति करने से इस दुःखों के घर संसार से पार होकर वह परम शान्ति तथा शाश्वत स्थान (सनातन परम धाम) प्राप्त हो जाता है (जिसके विषय में गीता अध्याय 18 श्लोक 62 में कहा है) जहाँ जाने के पश्चात् साधक फिर लौटकर संसार में कभी नहीं आता।

satguru

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Complete Satguru gives Naam (mantra) in three stages and tells the method of sumiran with breath. Only then the salvation of a living being is possible. He only proves from holy scriptures that the one who created everything is the eternal God Kabir.

StopEatingMeating

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👉"मांस खाना #परमेश्वर का आदेश नहीं !" पवित्र #बाईबल (उत्पत्ति ग्रन्थ 1:29) 👉प्रभु ने मनुष्यों के खाने के लिए जितने बीज वाले छोटे पेड़ तथा जितने पेड़ों🌴 में बीज वाले फल🍐होते हैं, वे भोजन के लिए प्रदान किए हैं, माँस खाना नहीं कहा है।          👉 मांस खाना किसी भी #परमात्मा, #गॉड का आदेश नहीं है।  Almighty God Kabir is in form as talks, walks, meats, eats and can seen. He also reclines and feet which can be washed - Holy Bible Genesis 18:1 to 18:5. 

मांस खाना महापाप है

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सतलोक_चलना_है 🔹हम सभी मनुष्य व जितने भी जीव जंतु हैं पहले सतलोक में रहते थे वहाँ जन्म मरण नहीं होता है और हम कभी दुःखी नहीं होते और पूर्ण परमात्मा की भक्ति करते हैं।💞🌼 🔹 ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 96 मंत्र 18 में प्रमाण है कि पूर्ण परमात्मा कविर्देव तीसरे मुक्ति धाम अर्थात् सतलोक में रहता है। जहाँ जाने के बाद मनुष्य का फिर से जन्म मरण नहीं होता है

मांस खाना महापाप है

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अल्लाह/प्रभु ने हम मनुष्यों के खाने के लिए फलदार वृक्ष तथा बीजदार पौधे दिए हैं, मांस खाने का आदेश नहीं दिया। गरीब, जीव हिंसा जो करते हैं, या आगे क्या पाप। कंटक जुनी जिहान में, सिंह भेड़िया और सांप।। जो जीव हिंसा करते हैं उससे बड़ा पाप नहीं है। जीव हत्या करने वाले वे करोड़ो जन्म शेर, भेड़िया और साँप के पाते हैं।         आज़ का मानव समाज मांस खाकर महापाप का भागी बन रहा है।   

मांस खाना पाप है

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 कबीर, तिलभर मछली खायके, कोटि गऊ दे दान। काशी करौंत ले मरे, तो भी नरक निदान।। तिल के समान भी मछली खाने वाले चाहे करोड़ो गाय दान कर लें, चाहे काशी कारोंत में सिर कटा ले वे नरक में अवश्य जाएंगे ! अल्लाह/प्रभु ने हम मनुष्यों के खाने के लिए फलदार वृक्ष तथा बीजदार पौधे दिए हैं, मांस खाने का आदेश नहीं दिया।        

नशा मुक्त भारत बनेगा

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सतभक्ति से शराब छूट सकती है। आज संत रामपाल जी से उपदेश लेकर बहुत लोग शराब छोड़ चुके हैं और उनके परिवार में खुशहाली आई है। किसी भी धर्म के पवित्र धर्मग्रंथों में शराब पीने का वर्णन नहीं है। फिर हम धर्म के विरुद्ध आचरण क्यों कर रहे हैं ? शराब पीने वालों की समाज में कोई इज्जत नहीं होती है 

नशा से जीवन बर्बाद होता

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शराब गृह क्लेश को जन्म देती है व आर्थिक, शारीरिक, सामाजिक बदहाली अपने साथ लेकर आती है। इससे दूरी रखना ही समझदारी है। नशा करने से शरीर में शारीरिक व मानसिक कमजोरी आती है जिससे अनेक विकार उत्पन्न होते हैं जैसे कैंसर दमा श्वास संबंधी बीमारी होती है,! मानव जीवन बर्बाद हो जाता है

Say_No_To_Alcohol

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नशा सर्वप्रथम तो इंसान को शैतान बनाता है फिर शरीर का नाश हृदय है। शरीर के चार महत्वपूर्ण अंग हैं फेफड़े, लीवर, गुर्दे, हृदय। शराब सबसे प्रथम इन चारों अंगों को खराब करती है। इन सब से निजात पाने के लिए संत रामपाल जी महाराज के सत्संग अवश्य सुनें।