विज्ञान और ज्ञान में क्या अंतर है? विज्ञान का सीधा-सा अर्थ है-वस्तुओं की तमाम जानकारी हासिल करना। यदि ज्ञान को समझें तो ज्ञान का मतलब मानवीय मूल्यों के अनुरूप चिंतन करना और चरित्र के लिए आस्थावान बनना है। विज्ञान का अर्थ है-विशेष ज्ञान, खास जानकारी। ... कई व्यक्ति ऐसा कहते पाये जाते हैं- क्या करें मन नहीं मानता, हम तो ऐसा ... विज्ञान वह व्यवस्थित ज्ञान या विद्या है जो विचार, अवलोकन, अध्ययन और प्रयोग से मिलती है, जो किसी अध्ययन के विषय की प्रकृति या सिद्धान्तों को जानने के लिये किये जाते हैं। ... इस प्रकार हम कह सकते हैं कि किसी भी विषय के क्रमबद्ध ज्ञान को विज्ञान कहते है। ज्ञान क्या है ज्ञान दो प्रकार से है 1 अक्षर ज्ञान 2 तत्वज्ञान ज्ञान का मतलब है मानव जीवन में अच्छा करके सुख प्राप्त करना है।। माननीय जीवन अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ना है। 1 अक्षर ज्ञान वर्तमान में जो शिक्षा दी जाती है अध्यापकों द्वारा उसे कहते हैं अक्षर ज्ञान अक्षर ज्ञान से मानव अच्छे बुरे का अनुभव समझ सकता है किस कार्य को किस प्रकार करने से विज्ञान की ओर बढ़ेंगे किसी चीज में पारंगत हो कर विज्ञान में श्रेष्ठ प्रदान क...
चीन देश नास्तिक क्यों जब उसे बचपन में प्रोत्साहित और बढ़ावा ही नहीं मिलेगा, तो वह नास्तिक ही रहेगा। क्योंकि नास्तिक वह है जो ईश्वर और धर्म को असली नहीं मानता। ऐसे में चीन में धार्मिक स्थलों को बनाना, पब्लिकली धार्मिक व्यवहार करना, राजनीति में धर्म का हस्तक्षेप आदि को हतोत्साहित किया जाता है। इसलिए चीन में नास्तिकों की संख्या अधिक कारण 1 वेदों और शास्त्रों में वर्णन है कि जो व्यक्ति मांस खाते हैं उसमें दया नहीं होती है जिसमें दया नहीं होती है वह धर्म को नहीं मानते हैं। 2 चीन में बौद्ध धर्म होने के कारण बौद्ध धर्म एक नास्तिक धर्म है। 3 जब आप मांस खाते हो और दूसरी तरफ परमात्मा को याद करते हो तो परमात्मा आपको सुख नहीं देते हैं अर्थात आपसे एक प्रश्न होते हैं। 4 बौद्ध धर्म में भक्ति करने पर सुख नहीं मिलने के कारण मानव नास्तिकता की ओर गए भारत और चीन में अंतर भारत भारत में चीन जितनी जीव हिंसा नहीं होती हैं इस कारण मानव किसी ने किसी धर्म को मानते हुए वेदों और शास्त्रों के अनुसार यज्ञ हवन करते हैं जिससे आ...
भक्ति करना क्यों जरूरी भक्ति करने से मानव में विकार छोड़ने की शक्ति मिलती है बुराई को छोड़कर अच्छा की ओर आगे बढ़ता है।। शास्त्र अनुकूल भक्ति करने पर मानव अपने जीवन में मोक्ष की ओर बढ़ता है।। भक्ति करने पर मानव में पर्यावरण मानवता में प्यार बढ़ता है।। वर्तमान में शास्त्र अनुकूल भक्ति करने पर मानव के कैंसर जैसे असाध्य रोग ठीक होते हैं।। शास्त्र अनुकूल भक्ति वर्तमान में संत रामपाल जी महाराज बताते हैं जिन का सपना है नशा मुक्त भारत ,दहेज मुक्त, भारत रोग मुक्त भक्ति नहीं करने पर या नास्तिक होने पर भारत को छोड़कर चीन अमेरिका रसिया आदि में बौद्ध धर्म का प्रचार होने से यहां की जनता नाशवान हो गई आप नास्तिक हो गई मांस मदिरा का अधिक सेवन करती हैं या कच्चा मांस खा जाते हैं किससे वर्तमान में अनेक रोग उत्पन्न हो रहे हैं।। शास्त्रों में प्रमाण है कि मांस खाने पर शराब पीने पर यहां तो अनेक रोग होते हैं वे नर्क का भाग्य बनेगा इसलिए भक्ति करना जरूरी है।।
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