coronavirus

पर्यावरण और संत रामपाल जी महाराज
पर्यावरण (अंग्रेज़ीEnvironment
शब्द का निर्माण दो शब्दों से मिल कर हुआ है। "परि" जो हमारे चारों ओर है"आवरण" जो हमें चारों ओर से घेरे हुए है। पर्यावरण उन सभी भौतिक, रासायनिक एवं जैविक कारकों की समष्टिगत इकाई है जो किसी जीवधारी अथवा पारितंत्रीय आबादी को प्रभावित करते हैं तथा उनके रूप, जीवन और जीविता को तय करते हैं।

सामान्य अर्थों में यह हमारे जीवन को प्रभावित करने वाले सभी जैविक और अजैविक तत्वों, तथ्यों, प्रक्रियाओं और घटनाओं के समुच्चय से निर्मित इकाई है। यह हमारे चारों ओर व्याप्त है और हमारे जीवन की प्रत्येक घटना इसी के अन्दर सम्पादित होती है तथा हम मनुष्य अपनी समस्त क्रियाओं से इस पर्यावरण को भी प्रभावित करते हैं। इस प्रकार एक जीवधारी और उसके पर्यावरण के बीच अन्योन्याश्रय संबंध भी होता है।
पर्यावरण के जैविक संघटकों में सूक्ष्म जीवाणु से लेकर कीड़े-मकोड़े, सभी जीव-जंतु और पेड़-पौधे आ जाते हैं और इसके साथ ही उनसे जुड़ी सारी जैव क्रियाएँ और प्रक्रियाएँ भी। अजैविक संघटकों में जीवनरहित तत्व और उनसे जुड़ी प्रक्रियाएँ आती हैं, जैसे: चट्टानें, पर्वत, नदी, हवा और जलवायु के तत्व इत्यादि।
परिचय संपादित करेंे
संत रामपाल जी महाराज वेदों और शास्त्रों के अनुसार प्रकृति कैसे बनी सृष्टि का निर्माण कैसे हुआ आदि वेदों और शास्त्रों के अनुसार बताते हैं प्रमाण के साथ बताते हैं 
श्रीमद भगवत गीता, पवित्र कुरान शरीफ, बाईबल ,पवित्र चारों वेद 
अनेक महापुरुषों के ग्रंथों द्वारा भी प्रमाण मिलते हैं
कबीर सागर गुरु ग्रंथावली प्राण सांगली धरमदास साहिब गरीबदास महाराज की पवित्र ग्रंथ मीराबाई पीपाजी दादू साहब आदि को परमात्मा मिले इनको सृष्टि रचना परमात्मा ने इनको बताया है
Must watch this link
👇👇 The Real God 
https://youtu.be/9aSzKI4TMAE
संत रामपाल जी महाराज आध्यात्मिक ज्ञान वेदों और शास्त्रों के अनुसार देते हैं वर्तमान में प्रसिद्ध भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस फ्लोरेंस आदि अन्य ने उनके बारे में भविष्यवाणी वह महापुरुष वर्तमान में कौन है? संत रामपाल जी महाराज द्वारा दीक्षा लेकर मर्यादा में रहकर भक्ति करने पर कैंसर जैसे असाध्य रोग ठीक होते हैं कोरोना जैसी महामारी भी ठीक हो सकती है
Must watch this video
👇👇
https://youtu.be/qakP9CKotik

Comments

Popular posts from this blog

विज्ञान और ज्ञान में क्या अंतर है?

चीन देश नास्तिक क्यों

भक्ति करना क्यों जरूरी