Kabirparmeshwar

भगवान श्री कृष्ण को विष्णु जी का अवतार माना जाता है। इनकी अनेक है सुनने को मिलती है। इनका जन्म मां के गर्भ  से हुआ है । उनके जन्मदिन को संसार वासी जन्माष्टमी के नाम से पूछते हैं। 
लीलाएं
भगवान श्री कृष्ण जी ने ताम्रध्वज के बेटे मोरध्वज को आरे से चिरवा कर उसे पुणे है  मनुष्य जीवन दिया। लेकिन महाभारत के युद्ध में उनके अपने भांजे सुमित्रा के पुत्र अभिमन्यु को जीवित नहीं कर सके ।
लेकिन परमेश्वर कबीर जी का मां के गर्भ से जन्म नहीं हुआ है।
शिशु रूप में कमल के फूल पर अवतरित हुई है लहरतारा तालाब पर
में 
परमेश्वर कबीर जी का जन्म मृत्यु नहीं होता है शहर शरीर आते हैं और सहश रिर ही जाते हैं।
इनका जन्मदिन नहीं मनाया जाता है केवल प्रकट दिवस मनाया जाता है परमेश्वर कबीर जी का
परमेश्वर कबीर जी शरीर छोड़कर गए तब उनके स्थान पर फूल मिले आज भी मगर में एक मस्जिद और एक मंदिर बना हुआ है।


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