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Showing posts from June, 2020

चीन देश नास्तिक क्यों

चीन देश नास्तिक क्यों जब उसे बचपन में प्रोत्साहित और बढ़ावा ही नहीं मिलेगा, तो वह नास्तिक ही रहेगा। क्योंकि नास्तिक वह है जो ईश्वर और धर्म को असली नहीं मानता। ऐसे में चीन में धार्मिक स्थलों को बनाना, पब्लिकली धार्मिक व्यवहार करना, राजनीति में धर्म का हस्तक्षेप आदि को हतोत्साहित किया जाता है। इसलिए चीन में नास्तिकों की संख्या अधिक कारण  1 वेदों और शास्त्रों में वर्णन है कि जो व्यक्ति मांस खाते हैं उसमें दया नहीं होती है जिसमें दया नहीं होती है वह धर्म को नहीं मानते हैं। 2 चीन में बौद्ध धर्म होने के कारण बौद्ध धर्म एक नास्तिक धर्म है। 3 जब आप मांस खाते हो और दूसरी तरफ परमात्मा को याद करते हो तो परमात्मा आपको सुख नहीं देते हैं अर्थात आपसे एक प्रश्न होते हैं। 4 बौद्ध धर्म में भक्ति करने पर सुख नहीं मिलने के कारण मानव नास्तिकता की ओर गए भारत और चीन में अंतर भारत  भारत में चीन जितनी जीव हिंसा नहीं होती हैं इस कारण मानव किसी ने किसी धर्म को मानते हुए वेदों और शास्त्रों के अनुसार यज्ञ हवन करते हैं जिससे आ...

Kabirparmeshwar

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भगवान श्री कृष्ण को विष्णु जी का अवतार माना जाता है। इनकी अनेक है सुनने को मिलती है। इनका जन्म मां के गर्भ  से हुआ है । उनके जन्मदिन को संसार वासी जन्माष्टमी के नाम से पूछते हैं।  लीलाएं भगवान श्री कृष्ण जी ने ताम्रध्वज के बेटे मोरध्वज को आरे से चिरवा कर उसे पुणे है  मनुष्य जीवन दिया। लेकिन महाभारत के युद्ध में उनके अपने भांजे सुमित्रा के पुत्र अभिमन्यु को जीवित नहीं कर सके । लेकिन परमेश्वर कबीर जी का मां के गर्भ से जन्म नहीं हुआ है। शिशु रूप में कमल के फूल पर अवतरित हुई है लहरतारा तालाब पर में  परमेश्वर कबीर जी का जन्म मृत्यु नहीं होता है शहर शरीर आते हैं और सहश रिर ही जाते हैं। इनका जन्मदिन नहीं मनाया जाता है केवल प्रकट दिवस मनाया जाता है परमेश्वर कबीर जी का परमेश्वर कबीर जी शरीर छोड़कर गए तब उनके स्थान पर फूल मिले आज भी मगर में एक मस्जिद और एक मंदिर बना हुआ है।

mahaveerJain

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महावीर जैन को पूर्ण मोक्ष नहीं मिला है 

Bible

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बाइबिल में सृष्टि रचना का प्रमाण           पवित्रा बाईबल (उत्पत्ति ग्रन्थ पृष्ठ नं. 2 पर, अ. 1ः20 - 2ः5 पर) छटवां दिन :- प्राणी और मनुष्य : अन्य प्राणियों की रचना करके 26. फिर परमेश्वर ने कहा, हम मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार अपनी समानता में बनाऐं, जो सर्व प्राणियों को काबू रखेगा। 27. तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया, नर और नारी करके मनुष्यों की सृष्टि की। 29. प्रभु ने मनुष्यों के खाने के लिए जितने बीज वाले छोटे पेड़ तथा जितने पेड़ों में बीज वाले फल होते हैं वे भोजन के लिए प्रदान किए हैं (मांस खाना नहीं कहा है।) सातवां दिन :- विश्राम का दिन : परमेश्वर ने छः दिन में सर्व सृष्टि की उत्पत्ति की तथा सातवें दिन विश्राम किया। पवित्रा बाईबल ने सिद्ध कर दिया कि परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप (आकार) जैसा बनाया। इसलिए सिद्ध हुआ कि परमात्मा नराकार अर्थात् मानव सदृश शरीर युक्त है, जिसने छः दिन में सर्व सृष्टि की रचना की तथा फिर विश्राम किया।             ...

#Miracles_Of_GodKabir

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#Miracles_Of_GodKabir L 💥"सिकंदर लोधी बादशाह के जलन का असाध्य रोग ठीक करना" कबीर परमेश्वर जी ने दिल्ली के बादशाह सिकंदर लोधी के जलन का असाध्य रोग आशीर्वाद मात्र से ठीक कर दिया। वह रोग जो किसी काजी, मुल्ला के जंत्र-मंत्र से भी ठीक नहीं हुआ था। 💥"स्वामी रामानंद जी को जीवित करना" दिल्ली के बादशाह सिकंदर लोधी ने स्वामी रामानंद जी की गर्दन तलवार से काट दी थी। कबीर साहेब जी ने देखा कि रामानंद जी का धड़ कहीं और सिर कहीं पर पड़ा था। तब कबीर साहेब ने मृत शरीर को प्रणाम किया और कहा कि गुरुदेव उठो। दूसरी बार कहते ही सिर अपने आप उठकर धड़ पर लग गया और रामानंद जी जीवित हो गए। 💥"मृत लड़के कमाल को जीवित करना" शेखतकी का कहना था कि अगर कबीर अल्लाह है, तो किसी मुर्दे को जीवित कर दे तो अल्लाह मान लूंगा। सुबह एक 10-12 वर्ष की आयु के लड़के का शव पानी में तैरता हुआ आ रहा था। शेखतकी ने जंत्र-मंत्र से प्रयत्न किया लेकिन लड़का जीवित नहीं हुआ। तब कबीर साहेब ने कहा कि हे जीवात्मा जहाँ भी है, कबीर हुक्म से मुर्दे में प्रवेश कर और बाहर आ। इतना कहा ही था कि शव में कम्पन हुई तथा...